बुढा देवा जय बुढा देवा, गाव सेवा तोर, करो सेवा...बुढा देव गीत-
ग्राम-नीलकंठपुर, पंचायत-गोरगी, पोस्ट-डिज़ावल, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया एक बुढादेव आरती गीत सुना रहे हैं:
बुढा देवा जय बुढा देवा-
गाव सेवा तोर, करो सेवा-
सुनले अरजी मोर, सुनले बिनती-
सुनले मोर पुकार बड़ा देव, करदे मोर उद्धार...
Posted on: Mar 15, 2019. Tags: CG JAGDEV PRASAD POYA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
मछली जल की रानी है, रानी है, रानी है...बाल कविता -
ग्राम-गीदम बेड़ा, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से चंद्रिका पोटाई एक बाल कविता सुना रही हैं:
मछली जल की रानी है, रानी है, रानी है-
हांथ लगाओगे तो डर जायेगी-
बहार निकालोगे तो मर जायेगी-
पानी में डालोगे तो तैर जायेगी-
दाना खिलाओगे तो खा जायेगी-
मछली जल की रानी है, रानी है, रानी है...
Posted on: Mar 15, 2019. Tags: CG CHANDRIKA POTAI NARAYANPUR POEM SONG VICTIMS REGISTER
पवार प्लांट राख स्टोरेज अवैध रूप से बना है, जिससे क्षेत्र में राख फैल रहा है और बीमारियों का खतरा ब
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी और राजेंद्र गुप्ता बता रहे हैं कि उनके इलाके में जो पवार प्लांट लगा है, वह कोल ब्लाक के ऊपर बना हुआ है| और उसमे मधुमक्खियों के बड़े-बड़े छत्ते बन चुके हैं| पवार प्लांट का ऐस डाईक अनाधिकृत रूप से बना है| और उसकी ऊंचाई 50 मीटर से ऊपर है| उसमे क्षमता से अधिक राख छोड़ा जा रहा है| जिसके कारण राख क्षेत्र में फैल रहा है| बीमारियों की संभावना बढ़ रही है| मधुमक्खियां प्रभावित हो रही हैं| कोसा पालन प्रभावित होती है| जो गांव के लोगों के लिये खतरा बना हुआ है| SDM@
Posted on: Mar 15, 2019. Tags: CG RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
नानी तेरी मोरनी को मोर ले गये, बाकि जो बचा था काले चोर ले गये...कविता-
ग्राम-गीदम बेडा, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से कुमारी चंद्रिका पोटाई एक कविता सुना रही हैं :
नानी तेरी मोरनी को मोर ले गये-
बाकि जो बचा था काले चोर ले गये-
खाते-पीते, मोटे-मोटे चोर बैठे रेल में-
चोरो वाला डब्बा कटके पहुंचा सीधे जेल में-
उन चोरो की खूब खबर ली, मोटे थानेदार ने-
मोरो को भी खूब नचाया जंगल की सरकार ने...
Posted on: Mar 15, 2019. Tags: CG KUMARI CHANDRIKA POTAI NARAYANPUR SONG VICTIMS REGISTER
सरस्वती दाई वो हवय तोर हंस सवारी वो...देवी गीत
ग्राम-गोरबहरी, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से तिरलोकी सिदार एक देवी गीत सुना रहा है:
ज्ञान बुद्धि के तहि देवैया माई तोरे दुआरी-
सरस्वती दाई वो हवय तोर हंस सवारी वो-
बीच सरयू पर कमल फुल मा बैठे आसन मारे-
हम बालक तोर अरज करतहन दोनों हाथ लमाके-
छोटे-छोटे लैकाअन ओ दाई तय सबके महतारी-
पंचम शुर मा गूंगा बोले छत्तीस राग मिलाके-
विनय करे देवता नर-नारी सरग ले चन्दा धाये...
