लिखी-लिखी पतिया पठावे परदेशवा, अब घर आजा हो सजनवा...गीत-
ग्राम-कोटया, थाना-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे हैं :
लिखी-लिखी पतिया पठावे परदेशवा-
अब घर आजा हो सजनवा-
महुआ कुचाई गईली आमा बौराई गईली-
लिखी-लिखी पतिया पठावे परदेशवा-
अब घर आजा हो सजनवा...
Posted on: Mar 20, 2019. Tags: CG MEWALAL DEVANGAN SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
बीत गये रात होत बिहनिया, बुता काम ले लेवव हरी नाम...गीत-
भोरमदेव, वनांचल, विकासखण्ड-बोडला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अमित साहू एक गीत सुना रहे हैं :
बीत गये रात होत बिहनिया-
बुता काम ले लेवव हरी नाम-
रोज कमाओ जुल-मिल खाओ-
मया बढ़त दुनो आप के-
बीत गये रात होत बिहनिया-
बुता काम ले लेवव हरी नाम...
Posted on: Mar 20, 2019. Tags: AMIT SAHU CG KABIRDHAM SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : उच्च रक्तचाप का घरेलू उपचार...
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से एच डी गांधी होली की शुभकामनाओ के सांथ सभी श्रोताओं को उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर का घरेलू उपचार बता रहे हैं| सर्प गंधा 150 ग्राम, अर्जुन छाल 150 ग्राम, अस्वगंधा 150 ग्राम लें| इन सभी को साफ कर कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर सुरक्षित रख लें| आधा-आधा चम्मच चूर्ण खाली पेट दिन में दो बार गुनगुने पानी से सेवन करें| इससे लाभ हो सकता है| भोजन में मिर्च, मसाला, तेल, खटाई का प्रयोग कम करें| नशा न करें| देर रात तक न जागें | अधिक जानकारी के लिये दिये गये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : एच डी गांधी@9111061399.
Posted on: Mar 20, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
बाल बाल को सवारिय, बाल नही तो बेहाल...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
बाल बाल को सवारिय, बाल नही तो बेहाल-
बाल को ऐसा सवारिये जैसे गुत्थे बाल-
बाल होत तन की शोभा, बाल होत घर की आभा-
बाल को ऐसा बांधिये कही बिखर न जाये-
बाल को ऐसा तानिये, कंचन जैसा निखर जाये...
Posted on: Mar 20, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
अरे सरारारा दधिये रे भाई के राजा, जनकपुर के गांव...होली गीत-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी अपने साथियो के साथ एक होली गीत सुना रहे हैं :
अरे सरारारा दधिये रे भाई के राजा-
जनक के गांव-
भईया के धनुष दिहे ओडकाए-
जाउने य धनुष खण्डन करे-
सीता स्वीकार कराय...
