पहले यहाँ शेर बहुत हुआ करते थे, जिसके चलते गाँव का नाम "बाघडोंगरी" हो गया...
ग्राम-बाघडोंगरी, जिला-नारायपुर (छत्तीसगढ़) से मंगलराम पोटाई जो कि बाघडोंगरी पंचायत के सरपंच है, साथ है चैनसिंह पोटाई जो कि गाँव के बारे में जानकारी दे रहे है. बता रहे है कि गाँव नाम बाघडोंगरी कैसे पड़ा, पहले यहाँ पहाड़ जंगल बहुत हुआ करता था, तो यहाँ शेर भी बहुत रहते थे, जिसको की बाघ भी कहते है. डोंगर मतलब पहाड़ जंगल हो गया जिसके चलते गाँव का नाम बाघडोंगरी पड़ गया, पहाड़ के उस पार दूसरा गाँव है, फूलकोडो है. गोंडी ‘फूलकोडो’ अर्थ फूलोँ का बगीचा होता है. बाघडोंगरी को दोनों नाम से जाना जाता है. गोंडी में फूलकोडो के नाम से भी जाना जाता है. प्रकृति से जुड़े रहने के कारण पहले रहने वाले लोगों के द्वारा ज्यादातर गाँवो के नाम ऐसे ही पड़ते थे.
Posted on: Nov 14, 2019. Tags: MOHAN YADAV NARAYANPUR CG SONG VICTIMS REGISTER
गणेश भजन : गिरजा की बेटा तोला कईथो लम्बोदर महा राज...
जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से लल्लू केवट जो कि दरबारी लाल केवट से एक गणेश भजन सुन रहे है:
गिरजा की बेटा तोला कईथो लम्बोदर महा राज-
स्वामी गजानन, स्वामी गजानन, स्वामी गजानन-
पान चड़े, फूल चड़े और चड़े मेवा-
लड्डूवन की भोग लगे संत करे सेवा-
माथे सिन्दूर सूहे मूस की सवारी-
स्वामी गजानन, स्वामी गजानन, स्वामी गजानन-
गिरजा की बेटा तोला कईथो, लम्बोदर महाराज-
स्वामी गजानन, स्वामी गजानन, स्वामी गजानन...
Posted on: Nov 13, 2019. Tags: ANUPPUR MP DARBARILAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : पीलिया बीमारी के घरेलू नुस्खा...
प्रयाग विहार, मोती नगर- रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैध एच.डी.गाँधी पीलिया के उपचार के घरेलू नुस्खा बता रहे है:- विधि इस प्रकार मूली की पत्ती का रस 50 ग्राम, मिश्री 10 ग्राम, इन दोनों को मिला लेंवे. मात्रा-50 ग्राम मूली के पत्ते का रस सुबह ख़ाली पेट दिन में दो बार सेवन करने से लाभ मिलता है. लगातार इसका प्रयोग 21 दिन तक करे.
परहेज-मिर्च, मशाला, तेल, खटाई गरिष्ट भोजन का प्रयोग ना करे, मैदा, शक्कर, नमक का प्रयोग कम करे. अधिक जानकारी के लिए-सम्पर्क@ 9111061399.
Posted on: Nov 13, 2019. Tags: HD GANDHI RAIPUR CG HEALTH SONG VICTIMS REGISTER
छोटे-छोटे कदम हमारे, आगे बढ़ते जायेंगे...कविता-
ग्राम-चिनारी, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव गाँव की प्राथमिक शाला के बालक-बालिकाओं, सेवंती, समोती, मनीष व अन्य साथियों से कविता सुन रहे है:-
छोटे-छोटे कदम हमारे, आगे बढ़ते जायेंगे-
पढ़ना कभी न छोड़ेंगे, हर दम पढ़ने जायेंगे-
छोटे-छोटे हांथ हमारे, गड्ढ़े खूब बनायेंगे-
इस गड्ढ़े में अच्छे सुन्दर, पौधे खूब लगायेंगे-
घर आंगन को साफ़ रखेंगे, गलिया साफ बनायेंगे-
कैसे जीना हमे चाहिए, जी कर हम दिखलायेंगे...
Posted on: Nov 13, 2019. Tags: MOHAN YADAV NARAYANPUR CG SONG VICTIMS REGISTER
सरकारी योजना के माध्यम से अप्राकृतिक मृत्यु हो जाने पर अधिकतम 4 लाख रूपयें की आर्थिक सहायता...
जिला-जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से भोला बघेल सरकारी योजनाओं की जानकारी बता रहे है, छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा प्राकृतिक आपदा की वजह से अगर किसी परिवार के सदस्य की मौत हो जाने पर सरकार द्वारा उस परिवार को आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है|गड्डे से गिरने की वजह से सांप, बिच्छू, मधुमक्खी के काटने से या नदी, तालाब, बांध कुआं, नहर, नाला में डूबने अथवा नांव दुर्घटना में मृत्यु हो जाने से या खदान धसने से या रसोई गैस सिलेंडर फ़टने से अप्राकृतिक मृत्यु हो जाने पर निकटतम वारिस को अधिकतम 4 लाख रूपयें की आर्थिक सहायता दी जाती है| राहत राशि के लिए आवेदन, नायब तहसीलदार, तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी को आवेदन करना पड़ता है, साथ ही मृत्यु प्रमाण पत्र एवं पोस्ट माडम रिपोर्ट की फ़ोटो कॉपी सलंग्न के साथ करे. उक्क्त राशि परिवार के निकटतम सदस्य को कलेक्टर की स्वीकृत के बाद सहायता अनुदान राशि दी जाती है.
