ये क्या मुसीबत आ गया चारो तरफ सन्नाटा छा गया...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी कोरोना पर एक कविता सुना रहे हैं :
ये क्या मुसीबत आ गया चारो तरफ सन्नाटा छा गया-
वन उपवन में भी नहीं बसंत बाहर-
बसंत ऋतू राज में भी नहीं फूलो की हार-
आम चार महुवा तेंदू में नहीं बौर-
मानो सभी को हो चला लकवा का दौर-
अस्त ब्यस्त हो रहा धरा सभी बीतते है मरा मरा...
Posted on: Apr 03, 2020. Tags: CG CORONA KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
कोरोना से बचने के लिये नियम का पालन करें और दूसरो को जानकारी दें...
जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से श्रीराम प्रजापति बता रहे हैं कि आज कोरोना वायरस महामारी चारो तरफ फैल रहा है जिसे रोकने के प्रधानमंत्री जी ने देश में लॉक डाउन किया है और लोगो से अपील की है कि वे घर से बाहर न निकलें और सोसल डिस्टेंस बनाकर रखें, जो नियम सरकार ला रही हैं उसे पालना करें, ये सब हमारी सुरक्षा के लिये लाई गयी है, इसलिये हम सब इसका पालन करें तभी कोरोना वायरस से बच सकते हैं, जब बाहर से आप आते हैं तो साबुन से हाँथ धुलें उसके बाद कोई काम करें, भीड़ भाड़ में न जायें, जो भीड़ में जाते हैं उन्हें जागरूक करें क्यों संपर्क से ही ये वायरस फैलता है | संपर्क नंबर@8517876361.
Posted on: Apr 03, 2020. Tags: AWARENESS CORONA MP REWA SHRIRAM PRAJAPATI SONG VICTIMS REGISTER
धन धन मोदी महाराज जो लिया स्वराज...गीत-
ग्राम-सरई, जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार एक गीत सुना रहे हैं:
धन धन मोदी महाराज जो लिया स्वराज-
स्वस्देश हमारा भारत में नाम तुम्हारा-
तुम कलयुग के अवतारी हो-
एक सौ तीस करोड़ जनता के पुजारी हो-
कोरोना न अदकास मो अच्छा-
दिया नजारा भारत में नाम तुम्हारा...
Posted on: Apr 03, 2020. Tags: DINDORI MP SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
कोरोना वायरस से दिल डरने लगा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
दिल धक धक करने लगा-
कोरोना वायरस से दिल डरने लगा-
सुन समाचार सांसे उड़ने लगा-
आँखों के आगे अँधेरा छाने लगा-
दिलो दिमाग की नसे तन गयी...
Posted on: Apr 02, 2020. Tags: CG CORONA KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
पिंजरे के पंछी रे तेरा दरद न जाने कोई...गीत-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता के गीत सुना रहे हैं :
पिंजरे के पंछी रे तेरा दरद न जाने कोई-
कह ना सके तू, अपनी कहानी-
तेरी भी पंछी, क्या जिंदगानी रे-
विधि ने तेरी कथा लिखी है-
आँसू में कलम डुबोय-
तेरा दर्द ना जाणे कोए-
चुपके चुपके, रोने वाले...
